रक्षाबंधन आज, जानिए रक्षाबंधन विशेष में आज के मुहूर्त, मंत्र, योग एवं महत्व, क्या होना चाहिए राखी की थाली में

राखी के दिन बहनें अपने भाई को राखी बांधने जा रही हैं तो उससे पहले ये देख लें कि पूजा की थाली में निम्न चीजें हैं या नहीं। विधिवत रक्षा सूत्र बांधने और पूजा करने के लिए थाली में राखी के अलावा रोली, कुमकुम, अक्षत, पीली सरसों के बीज, दीपक होना चाहिए।


रक्षाबंधन पर इस बार बन रहा आयुष्मान योग


रक्षाबंधन पर इस बार आयुष्मान योग बन रहा है, जो भाई-बहन को लंबी उम्र देगा। बताए गए शुभ मुहूर्त पर राखी बांधने से भाई-बहन का भाग्योदय होगा।


राखी बांधने का सबसे शुभ मुहूर्त


रक्षाबंधन का सबसे शुभ मुहूर्त है साढ़े 9 बजे से लेकर साढ़े 11 बजे तक। यह एक ऐसा मुहूर्त है जो ना सिर्फ भाई-बहन को लंबी उम्र देगा, बल्कि उनके भाग्य को भी मजबूत बनाएगा। इसलिए शुभ मुहूर्त में राखी बांधने हो तो सुबह 9 बजकर 25 मिनट से सुबह 11 बजकर 28 मिनट तक बहन अहने भाई को राखी बंध लें। वहीं, शाम को बहनें राखी बांधना चाहती हैं, उनके लिए सर्वश्रेष्ठ समय शाम तीन बजकर 50 मिनट से लेकर शाम 5 बजकर 15 मिनट तक रहेगा।


क्यों नहीं बंधवाई जाती भद्रा काल में राखी


भद्रा काल में राखी न बंधवाने के पीछ पौराण‍िक मान्‍यता है। कहा जाता है कि लंका का राजा रावण ने भी अपनी बहन से भद्रा काल में राखी बंधवाई थी। इसके एक साल के भीतर ही उसका नाश हो गया। तबसे बहनें अपने भाई के राखी भद्रा काल में नहीं बांधती हैं।


इस समय बहनें ना बांधे भाई को राखी


बहनें सुबह 5 बजकर 40 मिनट से सुबह 9 बजकर 30 मिनट तक अपने भाई को राखी ना बांधे। दरअसल, इस समय भद्रा रहेगी, जिसमें राखी बांधने का मनाही होती है। इसके इसके अलावा इस समय कई और अशुभ योग बन रहे हैं। इस दौरान राखी ना बांधें. इस समय राहु काल भी रहेगा।

अशुभ घड़ी 11 बजकर 28 मिनट से लेकर दोपहर 01 बजकर 07 मिनट तक रहने वाली है। इस समय भी भाई को राखी बांधने से बचना चाहिए।

रक्षा बंधन के अलावा ये पर्व भी हैं सोमवार को


राखी के अलावा सोमवार 3 अगस्त 2020 को सावन पूर्णिमा, वेद माता गायत्री जयंती, अन्न वाधन, यजुर्वेद उपाकर्म, हयग्रीव जयंती, संस्कृत दिवस, नारली पूर्णिमा और सावन का पांचवां व अंतिम सोमवार भी पड़ रहा है।


कोविड-19 : रक्षाबंधन पर मिठाई उद्योग को लग सकती है 5,000 करोड़ रुपये की चपत


इंदौर | भाई-बहन के पवित्र रिश्ते के त्योहार रक्षाबंधन की कल्पना मिठाइयों के बिना नहीं की जा सकती। लेकिन इस बार कोविड-19 के प्रकोप ने मिठाइयों का कारोबार फीका कर दिया है। मिठाई निर्माताओं के एक राष्ट्रीय महासंघ का कहना है कि ग्राहकों की जेब पर महामारी की मार के साथ ही अलग-अलग राज्यों में प्रशासन के कथित कुप्रबंधन के कारण रक्षाबंधन पर मिठाइयों की बिक्री घटकर आधी रह जाने का अनुमान है।

इस मंत्र का जाप कर बांधें राखी


भाई को तिलक और राखी बांधते समय बहनों को ‘येन बद्धो बलिराजा, दानवेन्द्रो महाबलः तेनत्वाम प्रति बद्धनामि रक्षे, माचल-माचलः’ मंत्र का जापकर शुभ माना गया है। कहा जाता हैं कि इससे विशेष फल की प्राप्ति होती है।

राखी का महत्व


रक्षाबंधन पर्व से जुड़ी एक पौराणिक कथा प्रचलित है. जिसके अनुसार एक बार देवताओं और असुरों में युद्ध आरंभ हो गया था, जिसमें देवताओं को हार की स्थिति समझ आ रही थी. तब इंद्र की पत्नी इन्द्राणी ने देवताओं के हाथ में रक्षा कवच बांधा, जिससे देवताओं की विजय हुई. माना जाता है कि यह रक्षा विधान श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि पर ही शुरू किया गया था।

राखी का मुहूर्त


03 अगस्त को सुबह 9 बजकर 28 मिनट के बाद किसी भी समय राखी बांधी जा सकती है. वैसे राखी बांधने का सबसे शुभ मुहूर्त दोपहर 01 बजकर 48 मिनट से शाम 04 बजकर 29 मिनट तक रहेगा. दूसरे शुभ मुहूर्त की बात करें तो ये शाम 07 बजकर 10 मिनट से रात 09 बजकर 17 मिनट तक रहेगा. रक्षा बंधन का पर्व रात 09 बजकर 17 मिनट तक मनाया जा सकता है।

कैसे मनाएं रक्षाबंधन


राखी की थाल सजा लें. जिसमें रोली, चंदन, अक्षत, दही, रक्षा सूत्र यानी राखी और मिठाई रखें। इसके बाद घी का दीपक भी जलाकर रख लें। रक्षा सूत्र और पूजा की थाल सबसे पहले भगवान को समर्पित करें, इसके बाद भाई को पूर्व या उत्तर दिशा की तरफ मुख करके बिठाएं। सबसे पहले भाई के माथे पर तिलक लगाएं। रक्षा सूत्र बांधें और आरती करें, इसके बाद भाई को मिठाई खिलाएं. ध्यान रखें कि राखी बांधने के समय भाई और बहन दोनों का सिर ढका होना चाहिए, इसके बाद अपने बड़ों का आशीर्वाद लें।

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