संस्था स्प्रेडिंग स्माइल्स ने किया स्वदेशी राखियों का वितरण, पिछले 5 वर्षों से निस्वार्थ भाव से दे रही सेवाएं

इंदौर | चीन से हुए विवाद के कारण इस बार चीनी सामानों का बहिष्कार किया गया है, इसी को ध्यान में रखते हुए संस्था स्प्रेडिंग स्माइल्स ने इस वर्ष मिल क्षेत्र के लगभग 200 से अधिक परिवारों की माता – बहनों को स्वदेशी राखी वितरित की।

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संस्था प्रमुख राहुल लोदवाल ने बताया कि

रक्षा बंधन भाई बहनों के पवित्र रिश्ते को मजबूत बनाने का त्यौहार है। इस पर्व का ऐतिहासिक सामाजिक धार्मिक महत्व है। यह भाई एवं बहन के भावनात्मक संबंधों का प्रतीक है। इस वर्ष रक्षा बंधन पर भाइयों की कलाई स्वदेशी राखियों से सजाने के निर्णय लिया गया।

आगे उन्होंने बताया कि

अगर हम स्वदेशी उत्पादों का प्रयोग करेंगे तो इससे हमारे देश का पैसा देश मे ही रहेगा और यहाँ के लोगो को रोजगार मिलेगा साथ ही बॉर्डर पर डटे हमारे सैनिकों का हौसला बढ़ेगा।


वहीं संस्था के उपप्रमुख संदीप महियार, जीत टटवाड़े, पंकज बेनवाल, शान जाधव,शुभम चंदेरिया,सचिन आज़ाद ने राखी वितरण के साथ साथ माता बहनों से स्वदेशी वस्तुएं अपनाने की अपील की।

संस्था स्प्रीडिंग स्माइल्स पिछले 5 वर्षों से दे रहे है सेवाएं

संस्था पिछले पांच वर्षों से इंदौर एवं आसपास के क्षेत्र में काम कर रही है। जिसका उद्देश्य लोगों के बीच में मुस्कान बिखरने का है। संस्था प्रमुख लोदवाल बताते है कि आज हम टीम में लगभग 200 लोग है, जिन्होंने पिछले पांच वर्षों में इंदौर शहर के कई क्षेत्रों में विभिन्न प्रकार के सामाजिक कार्य किए गए है। और जो लगातार जारी रहेंगे।

आगे वे बताते है कि हम प्रत्येक त्यौहार जैसे होली, दीवाली, राखी इत्यादि पर जरूरतमंद लोगों की मदद करते रहे है। बाल दिवस, स्वतंत्रता दिवस इत्यादि पर वस्त्र, झण्डे वितरण किए गए थे। एक साथ लगभग 1250 विद्यार्थियों ने मिलकर 1500 वृक्ष लगाकर रिकॉर्ड बनाया था। संस्था ने कई बार अनाथ आश्रम के बच्चो का टैलेंट हंट कार्य्रकम भी करवाया, जहां उन्हें प्रतिभा सम्मान समारोह दिए गए थे।

घर घर जाकर स्वदेशी राखी बांटता संस्था स्प्रेडिंग स्माइल्स का एक सदस्य

प्रेरणादायक फिल्में भी दिखा चुके है महिलाओं को

महिलाओं तक कई ऐसी प्रेरणादायक फिल्में होती है जो कई कारणों के चलते नहीं पहुंच पाती, ऐसे में संस्था ने पूरे के पूरे टाकीज़ बुक करके करीब 800 निम्न वर्ग की महिलाओं को अक्षय कुमार कृत “पैडमेन” एवं युवाओं को प्रेरणादायक हॉकी खिलाड़ी संदीप सिंह के जीवन पर आधारित दिलजीत दोसांझ कृत “सूरमा” फिल्में दिखाई थी। जो उन्हें ऐसे मामलों में अवेयर करे एवं प्रेरणा दे।

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