मंडी में हड़ताल होगी ख़त्म, अभी तक 2400 करोड़ रुपये के कारोबार का हुआ नुकसान

OBEN News उज्जैन | मॉडल एक्ट के विरोध में दस दिनों से चल रही संयुक्त संघर्ष मंडी बोर्ड मोर्चा की हड़ताल स्थगित हो गई है। रविवार को ऑनलाइन मीटिंग में संयुक्त संघर्ष मोर्चा के पदाधिकारी बीबी फौजदार, संतोष दीक्षित ने मुख्यमंत्री से मांगों के संबंध में चर्चा के विषय में बताया। उनका कहना है मुख्यमंत्री ने हमारी प्रस्तावित मांगों को पूरा करने का भरोसा दिलाया है। आचार संहिता लागू होने से लिखित में आश्वासन नहीं दिया जा सकता। इसके साथ ही मंडी अफसर, कर्मचारी सोमवार से फिर से काम पर लौट आएंगे। उधर मोर्चा के अश्विन पहाड़िया ने बताया मुख्यमंत्री से हुई चर्चा के बाद हड़ताल स्थगित कर दी है।

नीलामी नहीं होगी : मंडी के कर्मचारी सोमवार से काम पर लौट आएंगे लेकिन उपज नीलामी नहीं होगी। अनाज तिलहन व्यवसायी संघ अध्यक्ष मुकेश हरभजनका का कहना है कि मुख्यमंत्री ने चर्चा के लिए बुलाया है। चर्चा के बाद ही कोई निर्णय लिया जा सकेगा। तब तक हड़ताल रहेगी।

इंदौर | मंडी शुल्क घटाने और निराश्रित शुल्क हटाने की मांग को लेकर मध्य प्रदेश की मंडियों में हड़ताल की वजह से अब तक करीब ढाई हजार करोड़ रुपये के कारोबार का नुकसान हुआ है। इस कारण महंगाई भी बढ़ने लगी है और सोयाबीन किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। पिछले 12 दिन से चले रही मंडी हड़ताल के कारण कृषि जिंसों की आपूर्ति व्यवस्था चरमरा गई है। इस हिसाब से हड़ताल के कारण अब तक लगभग 2400 करोड़ रुपये के कारोबार का नुकसान हुआ है।

प्लांट में बिक्री पर यह मिल रहा भाव

मंडियों में हड़ताल का असर सोयाबीन की आपूर्ति पर भी हुआ है। इसके चलते सोया प्लांटों का काम प्रभावित हुआ है। कुछ प्लांट मालिकों का कहना है कि सोयाबीन की सप्लाई बंद होने से प्लांट चलाना मुश्किल हो गया है। किसान भी परेशानी में हैं। कुछ सोया प्लांट सीधे किसानों से माल तो खरीद रहे हैं, लेकिन भाव 3400-3500 रुपये प्रति क्विंटल ही दे रहे हैं, जबकि मंडियों में हड़ताल शुरू होने से पहले सोयाबीन के भाव 3800 रुपये से ऊपर तक चले गए थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

आपका मुद्दा

उठाइए अपना मुद्दा, ओबेन न्यूज़ बनेगा आपकी आवाज। शिक्षा, सड़क, बिजली, नौकरी, काम से सम्बन्धित किसी भी मुद्दे का वीडियो बना कर 9111124210 पर भेजें।