अयोध्या मंदिर के लिए गुल्लक तोड़कर छोटे बच्चों ने 1871 राशि समर्पण की

मासूम बेटी बेटे की भगवान श्री राम के मंदिर निर्माण के प्रति आस्था देखकर समर्पण राशि देकर उत्साहित हुए

अशासकीय विद्यालय के प्राचार्य मनीष कुमावत के पुत्र गौरांग और पुत्री दीक्षा ने अपनी गुल्लक तोड़कर अट्ठारह सौ ₹ ₹71 राशि समर्पण की

भौरासा निप्र | कहते हैं बच्चों का मन बड़ा ही कोमल पवित्र होता है और जब भगवान की बात आती वो अयोध्या मे बन रहै श्री राम मंदिर निर्माण कि तो फिर कोन पिछे रहना चहेगा वोभी बच्चे असंभव वहीं गुल्लक तोड़ कर किया निधि समर्पण जहाँ एक ओर सम्पूर्ण देश में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र में भव्य मंदिर निर्माण के लिए दुनिया का सबसे बड़ा जन जागरण व निधि समर्पण अभियान चल रहा है वहीं

दूसरी ओर नगर भौंरासा में भी राम भक्त घर- घर जाकर निधि समर्पण के लिए अलख जगा रहे हैं। हर घर से निधि समर्पण के साथ साथ सहयोग और समर्थन भी प्राप्त हो रहा है।

गरीब, किसान, मजदूर,यहाँ तक कि भिक्षाटन करने वाले भी सहर्ष निधि समर्पण कर रहे हैं। किसी ने 10, किसी ने 100,किसी ने 1000 तो अश्विन जायसवाल जैसे लोगों का आंकड़ा लाख तक भी पहुंच रहा है।

महत्वपूर्ण बात ये है कि नगर के अशासकीय विद्यालय के शिक्षक मनीष कुमावत के 14 वर्षीय पुत्र गौरांग और 12 वर्षीय पुत्री दीक्षा ने अपनी गुल्लक तोड़कर 1871 रुपये की निधी समर्पित की।

ज्ञात हो कि दोनों बच्चे अपनी बचत और उपहार में प्राप्त राशि को गुल्लक में डालते हैं और उसका उपयोग अक्सर समाज हित और राष्ट्र हित में किया करते हैं। पूर्व में भी बच्चों ने कोरोना महामारी से लड़ने के लिए मुख्य्मंत्री राहत कोष में अपनी गुल्लक की राशि समर्पित की थी। शिक्षक मनीष कुमावत की प्रेरणा से विद्यालय प्रशासन ने जन्मदिन मंगल कोष बना रखा है जिसमे हर छात्र अपने जन्मदिन पर चॉकलेट न बांटकर कुछ न कुछ राशि उक्त कोष में डालता है जिसके चलते जन्मदिन मंगलकोष की 11000/- रुपये की राशि लॉक डाउन के दौरान मुख्यमंत्री राहत कोष में समर्पित की गई थी।


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