23 दिन के अंदर एमपी में 23 लव जिहाद के केस दर्ज

एमपी में लव जिहाद को रोकने के लिए शिवराज सरकार धर्मांतरण कानून लेकर आई है। औसतन इस कानून के तहत एमपी में हर दिन धर्मांतरण का एक केस दर्ज हुआ है। 23 दिन के अंदर एमपी में 23 लव जिहाद के केस दर्ज हुए हैं।

अभी हाल ही में मंदसौर में एक नया मामला दर्ज हुआ है, जिसमें यूपी के 2 युवकों ने नाम बदलकर नाबालिग लड़कियों को फंसाया था।

एमपी के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा के अनुसार मध्यप्रदेश धार्मिक स्वतंत्र्या अध्यादेश 2020 के तहत 23 दिन में 23 केस दर्ज हुए हैं। प्रदेश में यह कानून 9 जनवरी 2021 को लागू हुआ था।

सबसे ज्यादा 7 केस भोपाल संभाग में दर्ज हुए हैं। उसके बाद इंदौर संभाग दूसरे नंबर पर है, जहां 5 केस दर्ज हुए हैं। इसके साथ रीवा, जबलपुर और ग्वालियर संभाग में 4-4 केस दर्ज हुए हैं।

गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि यह एक गंभीर मुद्दा है, ऐसे लोग पूरे देश में एक्टिव हैं। एमपी में ऐसी गतिविधियों को रोकने के लिए हमने कदम उठाया है। दरअसल, एमपी में नए कानून के तहत पहला केस बड़वानी के जिले के पलसूद थाने में 17 जनवरी को दर्ज हुआ था। इसके बाद सोहैल मंसूरी उर्फ सन्नी की गिरफ्तारी हुई थी, जिसने नाम बदल कर 4 चार साल तक युवती का शोषण किया था।

भोपाल टॉप पर

भोपाल में अधिकतर शिकायतें वैसी हैं, जिनमें महिलाएं आरोप लगाई हैं कि उन्हें रिश्ते के दौरान धोखे में रखा गया। इसके साथ ही कुछ ने जबरन धर्मांतरण के प्रयासों का जिक्र किया है। 27 जनवरी को इंदौर में युवती की शिकायत पर 9 लोगों की गिरफ्तारी हुई थी। युवती का आरोप था कि मुझ पर ईसाई धर्म अपनाने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। इसमें युवती के माता-पिता भी शामिल थे।

गौरतलब है कि इस अध्यादेश को 6 महीने के अंदर विधानसभा से पास करवाना होगा। इस कानून के तहत न्यूनतम 25 हजार रुपये तक जुर्माना के साथ 1-5 साल तक की सजा है। वहीं, अधिकतम 10 वर्ष की सजा और 50 हजार रुपये जुर्माना है।


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