आज खास कहानी देवास जिले के टिगरिया गांव के कैप्टन रामभाऊ पटेल की, जिन्हें राष्ट्रपति से मिला सम्मान पत्र

आज खास कहानी देवास जिले के टिगरिया गांव के कैप्टन रामभाऊ पटेल की। जो सेना में कैप्टन थे अब रिटायर हो चुके है। बम और आईडी निष्क्रिय करने के स्पेलिस्ट थे। कैप्टन रामभाऊ पिता नाथु पटेल राष्ट्रपति से सम्मानित हुए। भारत सरकार द्वारा पटेल के निवास पर उनकी सेवा को लेकर सम्मान पत्र पहुंचाया गया है।

पटेल ने बताया कि सेना में 28 अगस्त 1983 में भर्ती हुए थे। 30 अगस्त 2013 को रिटायर्ड हो गए। उन्होंने 30 साल तक अपनी सेवाएं दी। इस दौरान वे कई हिस्सों जैसे श्रीलंका शांति सेना, कारगिल युद्ध, भूटान, नेपाल आदि जगहों पर ऑपरेशन में शामिल रहे। कैप्टन पटेल ने ऑपरेशन विजय, मेघदूत, ओपी रक्षक, ओपी पराक्रम, ऑपरेशन स्टार जैसे ऑपरेशन का भी हिस्सा रहे।

कभी-कभी तो हमें बमों को निष्क्रय करने में 72 घंटे तक लग जाते थे, लेकिन जनता की सुरक्षा और देश सेवा सबसे पहले होती थी। कई बार जम्मू में लोगों की जिंदगी बचाकर उन्हें घरों से निकालकर आतंकियों को उनके अंजाम तक पहुंचाया है।

कई बार ऑपरेशन के दौरान मौत से आमने सामने हुआ, लेकिन जिंदगी जीती। हमारा जीवन खतरों से भरा होता था। मातृभूमि की रक्षा सबसे उपर होती थी।

पटेल ने 26/11 मुंबई कांड, बैंगलोर बम कांड, पोखरण परीक्षण आदि में भी उल्लेखनीय योगदान दिया। पटेल ने जम्मू कश्मीर में कई ऑपरेशन में अहम भूमिका निभाई। कई बार गश्त पार्टी के दौरान बम मिलते थे। उन्होंने निष्क्रिय करने में उनकी टीम जुटी रही थी। इसमें 72 घंटे तक का भी समय लग जाता था।

इसके आलावा पटेल ने जम्मू कश्मीर के अन्नात नाथ, पंचगांव, अवंतिपुरा, श्रीनगर, शोपुर, सोना मार्ग पर भी सेना में रहकर कार्य किया। पटेल ने बताया कि मुझे राष्ट्रपति का भेजा सम्मान पत्र मिला है। हमारी बेच के कई साथियों को भी सम्मान पत्र भेज गए हैं।

माइनस 30 डिग्री तापमान में भी ड्यूटी की

पटेल ने बताया कि 2013 में रिटायर्ड हुए थे। आखिर में उनकी ड्यूटी 18,380 फीट ऊंचाई में 30 डिग्री माइनस में रही। ग्लेसियर पर ड्यूटी की। पटेल ने बताया कि मैं मेरे गांव का पहला सैनिक हूं।

आगे वे बताते है कि मेरे देशसेवा के जोश व जुनून के कारण मेरे गांव के 70 से 80 सैनिक बीएसएफ, सीआरपीएफ और पुलिस में हैं। पटेल पूरे गांव में युवाओं को मार्गदर्शन देते हैं, ताकि हर घर से सेना में एक युवक सेना में अपनी सेवा दे।

पटेल पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, पूर्व राष्ट्रपति स्व. एपीजे अब्दुल कलाम, प्रतिभा पाटिल आदि के साथ भी रहे थे। गांव के सरपंच दिलीप व पूर्व सरपंच मोहनलाल पटेल का गांव के युवाओं के मार्गदर्शन में अहम योगदान रहा है।

पटेल ने बताया कि सेवा को लेकर राष्ट्रपति द्वारा सम्मान पत्र उनके घर पर भिजवाया गया। पटेल ने कहा कि यह हमारे लिए गर्व की बात है कि राष्ट्रपति के द्वारा भेजा सम्मान पत्र मुझे मिला है।


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