अव्यवस्थाओं के चलते बंद पड़ी रही है यह उपमंडी, किसान को फिर दूर बेचना पड़ रहा अनाज

किसानों की लंबे समय की मांग को देखते हुए नगर में अनाज की उपमंडी प्रारंभ की गई थी। यह उपमंडी कुछ ही समय में अव्यवस्था का केंद्र बन गई और अधिकारियों की उदासीनता के चलते विगत एक वर्ष से यहां अनाज की खरीदी पूरी तरह से बंद है। किसान दूर की दूसरी मंडियों में जाने पर विवश है।

गौरतलब है कि शासन द्वारा पीपलरावां में करोड़ों रुपये खर्च कर मंडी का निर्माण करवाया गया था। शुरुआत में किसान भी अनाज बेचने आते थे। उपमंडी शुरू होने के बाद किसानों ने राहत की सांस ली थी कि अब उन्हें सोनकच्छ, देवास व जावर की मंडियों में नहीं जाना पड़ेगा। किसान मंडी में आवश्यक सुविधाओं के नहीं होने के बाद भी अनाज बेचने के लिए आते रहे। मगर धीरे-धीरे मंडी कमेटी की लापरवाही एवं व्यापारियों द्वारा समय पर भुगतान नहीं करने के कारण अचानक अनाज की आवक में गिरावट आने लगी और धीरे-धीरे किसानों की संख्या कम होती गई। व्यवस्था में सुधार के उचित कदम समय पर नहीं उठाने का परिणाम यह हुआ, कि पिछले एक वर्ष से अनाज की नीलामी एकदम बंद पड़ी है। इस कारण आसपास के किसानों को एक बार फिर मजबूर होकर 30 से 70 किमी दूर सोनकच्छ व देवास मंडी में जाना पड़ रहा है। इसमें धन एवं समय दोनों बर्बाद हो रहे हैं।

आवक होगी तो खरीदेंगे अनाज

मंडी में अनाज की आवक बंद होने से इसे आलू, प्याज व लहसुन की खरीदी के लिए घोषित कर दी। यदि अनाज की आवक होगी तो अनाज खरीदा जाएगा। – आर एस चौहान मंडी सचिव

समय पर भुगतान एवं सही भाव नहीं मिलने के कारण अनाज मंडी प्रभावित हुई है। सीजन में यदि सही भाव और समय पर भुगतान हुआ तो मंडी फिर अच्छे से चल सकती है।

-तिलोक चौहान, लेखापाल मंडी बोर्ड सोनकच्छ।


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

इसे भी पढ़े

google-site-verification=I1CQuvsXajupJY4ytqNfk1mN82UWIIRpwhZUayAayVM