पूरे मध्यप्रदेश में बढ़ाई सख्ती, अब 10% स्टाफ के साथ इमरजेंसी सेवा देने वाले दफ्तर ही रहेंगे खुले

भोपाल. मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में कोरोना (Corona) की चेन तोड़ने के लिए सरकार में सख्ती बढ़ा दी है. इस सख्ती के तहत अब 10% स्टाफ के साथ ही इमरजेंसी सेवा देने वाले दफ्तर खुल सकेंगे. गृह विभाग के आदेश के अनुसार अब प्रदेश में सभी सरकारी और निजी कार्यालय 10% स्टाफ के साथ ही खुलेंगे. बाकी कर्मचारी वर्क फ्रॉम होम करेंगे.
इससे पहले जो आदेश जारी किए गए थे उसके अनुसार सरकारी कार्यालयों को 25 फीसदी स्टाफ के साथ दफ्तरों को खोलने की अनुमति दी गई थी. साथ ही सप्ताह में 5 दिन ही वर्किंग डे रखा गया था. लेकिन, इन पाबंदियों के बाद भी लगातार सरकारी और प्राइवेट दफ्तरों में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही थी. यही कारण है कि अब सरकार ने फिर सख्ती बरतने का काम किया है.


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चार पहिया वाहनों पर भी सख्ती

सवारी और निजी वाहनों के संचालन पर भी सख्ती बढ़ाई गई है. ग्रीवा के आदेश के अनुसार ऑटो रिक्शा और निजी चार पहिया वाहनों में एक ड्राइवर और दो व्यक्तियों को कोरोना प्रोटोकॉल के तहत अनुमति दी गई है. अब इस आदेश के अनुसार वाहनों में सोशल डिस्टेंस का पालन होगा. यह नियम अति आवश्यक सेवाओं में ही लागू होंगे. बेवजह घूमने वालों पर पुलिस कार्रवाई करेगी.
इन मामलों में भी सख्ती लागू
गृह विभाग 12 अप्रैल को पहले ही दिशा-निर्देश जारी कर चुका है. लेकिन, अब अतिरिक्त दिशा-निर्देश सभी कलेक्टरों को जारी किए गए हैं. इस संबंध में गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव राजेश राजौरा ने आदेश भी जारी किए हैं. दफ्तरों और चार पहिया वाहनों के अलावा भी गृह विभाग ने शहरों की बड़ी मंडियों को बंद करने का काम किया है. अब नए दिशा-निर्देश के तहत बड़ी सब्जी मंडियों को छोटे-छोटे स्वरूप में बांटने की कार्रवाई होगी. बड़ी मंडी नहीं खुलेगी. वहीं थोके और फुटकर किराना व्यापारियों में सामान का आदान-प्रदान निर्बाध रूप से बना रहेगा.


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